यह ब्लॉग ओशो और आचार्य प्रशांत के विचारों को समर्पित है। यहां आपको जीवन, ध्यान और आत्मजागरूकता पर गहरी समझ मिलेगी। मुक्त सोच, सत्य की खोज और भीतर के परिवर्तन की यात्रा में हमारे साथ जुड़ें।
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"ईर्ष्या जहर या जागरूकता?
"नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपके अपने Business Idea blog पर आज हम एक ऐसे विषय पर चर्चा करेंगे जो हर इंसान के जीवन में कभी न कभी आया है—ईर्ष्या
"ईर्ष्या क्या सच में बुरी चीज़ है, या यह हमें खुद को समझने का एक मौका देती है? आज हम इस विषय पर ओशो के अद्भुत विचारों को समझेंगे। वीडियो को अंत तक देखें क्योंकि अंत में हम आपको इस भावना से मुक्त होने का एक सरल उपाय भी बताएंगे।"
"ओशो कहते हैं कि ईर्ष्या पूरी तरह से एक सामाजिक बीमारी है। जब हम किसी और को खुश, सफल या खास देखते हैं, तो भीतर जलन होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, यह जलन क्यों होती है?"
"हमारी शिक्षा, समाज और संस्कृति हमें सिखाती है कि हमें सबसे आगे रहना है, सबसे अच्छा बनना है। और जब हम किसी को अपने से बेहतर देखते हैं, तो हमारा अहंकार आहत होता है।
"ओशो कहते हैं कि ईर्ष्या हमारी तुलना करने की आदत से आती है। अगर आप अपनी तुलना करना बंद कर दें, तो ईर्ष्या का कोई अस्तित्व ही नहीं रहेगा।"
"कल्पना करें, आप एक रेगिस्तान में अकेले हैं। आपके पास किसी से तुलना करने का कोई मौका ही नहीं है। क्या आप ईर्ष्या महसूस करेंगे? नहीं!"
"लेकिन जैसे ही आप समाज में आते हैं, आपको दूसरों से तुलना करने की शिक्षा दी जाती है। और यही ईर्ष्या का बीज है।
"ओशो का कहना है कि ईर्ष्या से लड़ने की जरूरत नहीं है, उसे समझने की जरूरत है। जब भी आप ईर्ष्या महसूस करें, उसे दबाएं नहीं, बल्कि उसे ध्यान से देखें।"
"अपने भीतर झांकें और खुद से पूछें—मैं क्यों जल रहा हूँ? क्या मैं दूसरे की खुशी को देखकर दुखी हूँ? अगर हाँ, तो यह मेरे भीतर किसी कमी की भावना को दिखाता है।"
"ओशो ध्यान की सलाह देते हैं। जब भी ईर्ष्या आए, गहरी सांस लें, आँखें बंद करें और इस भावना को देखने की कोशिश करें। धीरे-धीरे आप इसे पहचानने लगेंगे और यह अपने आप गायब हो जाएगी।
"तो दोस्तों, ईर्ष्या कोई समस्या नहीं है, बल्कि यह आत्म-जागरूकता का मौका है। जब भी आप ईर्ष्या महसूस करें, रुकें, देखें और इसे समझने की कोशिश करें।"
"क्या आप भी इस अनुभव से गुजरे हैं? कमेंट में अपने विचार जरूर साझा करें। और अगर आपको यह ब्लॉग पसंद आया हो, तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।"
नमस्कार!
अस्वीकरण:
यह ब्लॉग केवल जानकारी और शिक्षात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें व्यक्त विचार ओशो और आचार्य प्रशांत के शिक्षाओं पर आधारित हैं, लेकिन इनका आधिकारिक प्रतिनिधित्व नहीं करते। यह किसी भी प्रकार की पेशेवर सलाह प्रदान नहीं करता। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी समझ के अनुसार सामग्री को देखें और स्वयं निर्णय लें।
